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प्रतिशोध की डोरवां9एपिसोड

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प्रतिशोध की डोर

लोहित राजवंश की बेटी आधुनिक युग में सौतेली माँ द्वारा निर्वासित 'मीनाक्षी चतुर्वेदी' के रूप में पुनर्जन्म लेती है। दो वर्ष पश्चात् स्वार्थी चतुर्वेदी परिवार उसे विवाह के लिए बुलाता है। अब JS — विश्व प्रसिद्ध कढ़ाई कलाकार बन चुकी मीनाक्षी 'चतुर्वेदी समूह' पर अधिकार पाने के लिए मायाजाल रचती है। प्रतिशोध के इस समर में 'जितेश बंसल' का निश्छल प्रेम उसके अंतर्मन को जीत लेता है। अंततः मीनाक्षी प्रतिशोध संग अपना सच्चा प्रेम भी पा लेती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद पोशाक में खतरनाक चाल

सफेद क्विपाओ पहने लड़की की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही है। जब बाकी लोग शोर मचा रहे हैं, तो वह फोन पर मैसेज टाइप करके अपना अगला कदम तय कर रही है। प्रतिशोध की डोर में यह दृश्य साबित करता है कि असली ताकत चीखने में नहीं, बल्कि खामोशी से वार करने में है। उसकी आंखों में जो ठंडक है, वह किसी भी हथियार से ज्यादा घातक लगती है।

बूढ़ी दादी का असली चेहरा

शुरुआत में लगता था कि दादी बस एक साधारण बुजुर्ग हैं, लेकिन जब उन्होंने चाय के डिब्बे को सूंघा और चश्मा उतारा, तो माहौल बदल गया। उनकी आंखों में वह चमक थी जो सिर्फ अनुभवी खिलाड़ियों में होती है। प्रतिशोध की डोर की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था, क्योंकि अब साफ हो गया है कि असली खेल तो अभी शुरू हुआ है और दादी इसकी मास्टरमाइंड लग रही हैं।

पार्टी में एंट्री का असर

जब वह लड़की पार्टी में एंट्री करती है, तो कमरे का तापमान बदल जाता है। उसकी पोशाक और चलने का अंदाज बता रहा है कि वह हार मानने वालों में से नहीं है। बाकी महिलाएं उसे घूर रही हैं, लेकिन वह बिना डरे आगे बढ़ रही है। प्रतिशोध की डोर में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि हर नजर में एक नई साजिश छिपी हुई लगती है।

फोन मैसेज की गुप्त भाषा

वह मैसेज जो उसने टाइप किया, वह सिर्फ शब्द नहीं थे, बल्कि एक घोषणा थी। स्क्रीन पर उंगलियों की हरकतें बता रही थीं कि वह किसी बड़ी योजना को अंजाम देने वाली है। प्रतिशोध की डोर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हथियार की तरह किया गया है, जो आज के दौर की सच्चाई को बखूबी दर्शाता है। अब देखना यह है कि सामने वाला कैसे प्रतिक्रिया देगा।

काली साड़ी वाली की चालाकी

काली साड़ी और मोती की माला पहने महिला की हरकतें बहुत संदिग्ध हैं। वह दूसरी लड़की के हाथ को पकड़कर सहानुभूति जता रही है, लेकिन उसकी आंखें कुछ और ही कहानी बता रही हैं। प्रतिशोध की डोर में ऐसे पात्र सबसे खतरनाक होते हैं जो दोस्त बनकर वार करते हैं। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा असली मकसद जानने के लिए हमें और इंतजार करना होगा।

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