सफेद क्विपाओ पहने महिला की मुस्कान के पीछे छिपी साजिश देखकर रोंगटे खड़े हो गए। होटल के कमरे में वह दृश्य जहां गुलाबी पोशाक वाली महिला को धक्का दिया गया, वहां की टेंशन असली लग रही थी। प्रतिशोध की डोर में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शक को बांधे रखते हैं। काले सूट वाले शख्स का कन्फ्यूज्ड चेहरा बता रहा था कि वह इस खेल का हिस्सा बन चुका है।
जब गुलाबी पोशाक वाली लड़की डरते हुए कमरे में घुसी और फिर चीखती हुई बाहर आई, तो माहौल एकदम बदल गया। बिस्तर पर गिरा हुआ वह शख्स और उसकी हंसी सब कुछ प्लान्ड लग रहा था। प्रतिशोध की डोर की कहानी में यह मोड़ सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। सफेद पोशाक वाली महिला का शांत रहना और सब कुछ देखना उसकी मास्टरमाइंड होने का संकेत देता है।
तीनों का साथ चलना और फिर अचानक होटल में यह हादसा, सब कुछ एक बड़ी साजिश लग रही है। काले कोट वाले शख्स का फूलों वाला शर्ट पहनकर बिस्तर पर उठना और फिर हंसना बताता है कि वह जानबूझकर यह नाटक कर रहा था। प्रतिशोध की डोर में पात्रों के बीच का यह विश्वासघात दिल दहला देने वाला है। गुलाबी पोशाक वाली बेचारी सब समझ नहीं पा रही थी।
गुलाबी पोशाक वाली लड़की की मासूमियत और सफेद क्विपाओ वाली महिला की चालाकी का कंट्रास्ट देखने लायक था। जब वह लड़की रोते हुए दीवार से टकराई, तो दिल को ठेस पहुंची। प्रतिशोध की डोर में ऐसे इमोशनल सीन्स हैं जो आपको रुला भी सकते हैं और गुस्सा भी दिला सकते हैं। वह शख्स जो शुरू में सीरियस लग रहा था, अंत में विलेन निकला।
कमरे के दरवाजे पर लिखा नंबर और अंदर का वह नजारा जो किसी बुरे सपने से कम नहीं था। गुलाबी पोशाक वाली महिला का डरना और उस शख्स का मजे लेना, यह सब प्रतिशोध की डोर का सबसे डार्क पार्ट था। सफेद पोशाक वाली महिला का बाहर खड़े होकर सब देखना यह साबित करता है कि वह इस खेल की मोहरा नहीं, खिलाड़ी है।