वीडियो की शुरुआत में 'तीन मिनट पहले' का टेक्स्ट देखकर ही समझ गया कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट होने वाला है। लड़की का अचानक बेहोश होना और फिर सीधे बिस्तर पर जागना, यह सीन बहुत सस्पेंस से भरा था। प्रतिशोध की डोर में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगता है सब सच हो रहा है।
लड़के और लड़की के बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनती है। जब वह उसकी आंखों में देखती है और फिर वह उसे कवर करता है, उस पल में जो इमोशन था वह लाजवाब था। प्रतिशोध की डोर की यह जोड़ी स्क्रीन पर आग लगा देती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे असली प्यार महसूस होता है।
सुबह उठने का सीन सबसे ज्यादा पसंद आया। लड़की का धीरे से जागना और लड़के के चेहरे को छूना, यह डिटेल बहुत प्यारी थी। ऐसा लगता है जैसे समय वहीं रुक गया हो। प्रतिशोध की डोर में ऐसे शांत पल भी दिखाए गए हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट पर यह सीन बार-बार देखने को मन करता है।
इस वीडियो में डायलॉग से ज्यादा आंखों ने कहानी कही है। जब लड़का हैरान होकर देखता है और लड़की मुस्कुराती है, तो बिना बोले सब समझ आ जाता है। प्रतिशोध की डोर में ऐसे सीन हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत स्मूथ है, जिससे वीडियो देखने में मजा आता है।
लड़की का बेहोश होकर गिरना और फिर सीधे बिस्तर पर होश में आना, यह ट्रांजिशन बहुत मास्टरफुल था। ऐसा लगता है जैसे कुछ गायब हो गया हो या कुछ नया शुरू हुआ हो। प्रतिशोध की डोर की कहानी में ऐसे रहस्य हैं जो हर सीन के साथ बढ़ते जाते हैं। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है।