PreviousLater
Close

प्रतिशोध की डोरवां3एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

प्रतिशोध की डोर

लोहित राजवंश की बेटी आधुनिक युग में सौतेली माँ द्वारा निर्वासित 'मीनाक्षी चतुर्वेदी' के रूप में पुनर्जन्म लेती है। दो वर्ष पश्चात् स्वार्थी चतुर्वेदी परिवार उसे विवाह के लिए बुलाता है। अब JS — विश्व प्रसिद्ध कढ़ाई कलाकार बन चुकी मीनाक्षी 'चतुर्वेदी समूह' पर अधिकार पाने के लिए मायाजाल रचती है। प्रतिशोध के इस समर में 'जितेश बंसल' का निश्छल प्रेम उसके अंतर्मन को जीत लेता है। अंततः मीनाक्षी प्रतिशोध संग अपना सच्चा प्रेम भी पा लेती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद पोशाक में खतरनाक खूबसूरती

जिस पल वह सफेद क्विपॉओ में कमरे में दाखिल हुई, हवा में एक अजीब सी खामोशी छा गई। उसकी आँखों में जो ठहराव था, वह किसी साधारण मेहमान का नहीं लग रहा था। सामने बैठे परिवार के चेहरों पर हैरानी और डर साफ झलक रहा था। यह दृश्य बताता है कि प्रतिशोध की डोर अब कसने वाली है। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा दर्द और इरादा हर फ्रेम में महसूस किया जा सकता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

बूढ़ी दादी का गुस्सा और पोते की बेबसी

दादाजी के घर का माहौल तो तनावपूर्ण था ही, लेकिन दूसरे सीन में दादी और उनके पोते के बीच की नोकझोंक ने कहानी को एक नया मोड़ दिया। दादी का गुस्सा और पोते का उन्हें समझाने की कोशिश बहुत ही दिल को छू लेने वाली थी। लगता है कि यह युवक उस लड़की के लिए कुछ खास महसूस करता है, जो अभी-अभी घर से निकली है। प्रतिशोध की डोर की कहानी में यह रिश्ता बहुत अहम भूमिका निभाने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना एक अलग ही अनुभव है।

नीली साड़ी वाली महिला का घमंड

नीली लेस वाली साड़ी पहनी महिला का व्यवहार देखकर ही समझ आ जाता है कि वह घर की मालकिन है और उसे अपनी हैसियत पर बहुत घमंड है। जब वह सफेद पोशाक वाली लड़की से बात करती है, तो उसकी आवाज में जो ताना और उपेक्षा है, वह सहन नहीं की जा सकती। लेकिन उस लड़की की आँखों में जो आग है, वह जल्द ही इस घमंड को तोड़ने वाली है। प्रतिशोध की डोर में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। नेटशॉर्ट पर यह ड्रामा देखकर मजा आ गया।

कमरे का माहौल और छिपा हुआ तूफान

पूरा सीन एक बहुत ही अमीर और आलीशान घर में सेट किया गया है, लेकिन इस खूबसूरती के पीछे एक बहुत बड़ा तूफान छिपा है। सोफे पर बैठे लोगों की बॉडी लैंग्वेज से साफ पता चल रहा है कि वे उस लड़की के आने से सहमे हुए हैं। वह लड़की चुपचाप खड़ी है, लेकिन उसकी मौजूदगी ही सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। प्रतिशोध की डोर की यह शुरुआत बहुत ही दमदार है और आगे क्या होने वाला है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

पोते का दादी से प्यार भरा व्यवहार

जब दादी गुस्से में अपने चश्मे को साफ कर रही थीं, तो उनके पोते ने बहुत ही प्यार से उनका हाथ थाम लिया। यह छोटा सा एक्शन उनके बीच के गहरे रिश्ते को दिखाता है। वह जानता है कि उसकी दादी सही कह रही हैं, लेकिन वह स्थिति को संभालने की कोशिश भी कर रहा है। प्रतिशोध की डोर में ऐसे इमोशनल पल कहानी को और भी गहराई देते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर दिल पिघल जाता है। यह सीरीज सच में बहुत खास है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down